पंच-सरपंचों की मिलीभगत से पंचायत की जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्ती बरतने जा रहा है। ऐसे लोगों की सूची तैयार कराई जा रही है। कब्जेदारों को जमीन छोड़ने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं छोड़ा तो उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया जाएगा। इसमें करीब दो साल की सजा का प्रावधान है।
प्रशासन की मानें तो जिले की कई ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर कब्जे हैं। अगले तीन महीने में इन सभी का निस्तारण कर जमीन मुक्त कराई जाएगी। डीसी यशपाल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पंजाब विलेज कामन लैंड रेगुलेशन एक्ट 1961 के तहत 736 केस विभिन्न एसडीएम की कोर्ट में चल रहे हैं।
उनमें से 206 केसों का निपटारा भी कर दिया गया है। उन्होंने कहा डीसी कोर्ट में भी 26 अपील व पांच मालिकाना हक के मामलों का निपटारा किया गया है। तीन माह में 31 केसों का निपटारा किया गया है। डीसी ने कहा अगर कोई व्यक्ति पंचायती जमीन पर अवैध कब्ज़ा किए मिलता है तो उसके खिलाफ नियम-7 के सब नियम-5 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा।
उन्होंने कहा जिन 206 केसों में फैसला हुआ है उनमें संबंधित बीडीपीओ को निर्देश दिया गया है कि वह तुरंत कब्ज़ा हटवाने की कार्रवाई पूरी करें।
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