केन्द्र के तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने का संकल्प पत्र गुरुवार को दिल्ली विधानसभा में चर्चा के बाद पास हो गया। सदन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ कर अपना विरोध जताया और कहा कि केन्द्र कितने और किसानों की जान लेंगी। तब उनकी बात सुनेगी। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी किसानों के समर्थन में मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने केन्द्र सरकार से अपील करते हुए तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा केन्द्र से कहा कि किसान दो डिग्री तापमान में परेशान है। अंग्रेजों से बदतर ना बने। केजरीवाल ने कहा कि 20 से ज्यादा किसान आंदोलन में शहीद हो गए हैं। इस आंदोलन को भी 20 से ज्यादा दिन हुए है।
नौ माह बाद अंग्रेजों को भी लेना पड़ा था कानून वापस
केजरीवाल ने कहा कि अंग्रेजों ने भी ऐसे ही तीन कानून पास किए थे। पंजाब के किसानों ने इसके खिलाफ पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन शुरू किया था। यह आंदोलन 9 महीने तक चला। इस आंदोलन का नेतृत्व उस समय भगत सिंह के पिता और चाचा अजीत सिंह ने किया। उस वक्त भी अंग्रेजों ने कहा कि कानून में थोड़े बदलाव कर देंगे। लेकिन किसान डटे रहे। तीनों कानूनों को वापस लेना पड़ा।
अरविंद ने कहा - भाजपा नेताओं को ही कानून के फायदे नहीं पता
केजरीवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार कह रही है कि किसानों को कानून का फायदा समझ में नहीं आ रहा। अब भाजपा के नेता किसानों को फायदे समझा रहे है। आपकी जमीन नहीं जाएगी। इसमें फायदा क्या है। सबको एक बात रटा दी गई कि आप अपनी फसल कही भी बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन तीनों कानूनों को पास कराने की क्या आफत आ गई थी।
भाजपा विधायक बोले-झूठे मुद्दे पर बुलाया सदन
विधानसभा का सत्र शुरू होने के बाद कृषि कानूनों को लेकर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के विधायक महेंद्र गोयल, सोमनाथ भारती, मंत्री गोपाल राय ने अपनी बात रखते हुए कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ कर किसानों के खिलाफ बताया।
किसान कुछ लोगों के बहकावे में आ रहे: बिष्ट
वहीं, भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि सदन एक झूठे मुद्दे पर बुलाया गया है। तीन महापौर सड़क पर बैठे है। मुख्यमंत्री के पास इतना समय नहीं कि उनसे जाकर मिले। इस पर सदन में हंगामा शुरू होगा। बिष्ट ने कहा कि किसान कुछ लोगों के बहकावे में आ रहे हैं। ऐसी स्थिति बनाई जा रही है जो राज्य और राष्ट्रीय हित में ठीक नहीं है। हमारी केंद्र की सरकार किसानों के हित को लेकर गंभीर है।
काला कानून है तो सीएम ने मंजूरी क्यों दी: बिधूड़ी
नेता प्रतिपक्ष राम सिंह बिधूड़ी ने सदन में केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने 23 नवंबर को तीन में से एक कानून को मंजूरी दे दी। हम जानना चाहते है कि काले कानून है तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कानून को मंजूरी क्यों दी।
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