कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। राजधानी के आधा दर्जन बॉर्डरों पर किसान डेरा डाले हुए हैं, जिस वजह से आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में किसानों को घुसने से रोकने के लिए पुलिस के जवान भी डटे हुए हैं। इन बॉर्डर पर पुलिस ने कंट्रोल रूम भी बना दिए हैं, ताकि पल-पल की जानकारी उच्च अधिकारी तक पहुंचती रहे।
टीकरी, सिंघु, गाजीपुर और चिल्ला बॉर्डर के अलावा मेरठ एक्सप्रेस वे व नोएड़ा लिंक रोड बंद है। सिंघू बॉर्डर पर किसान पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, अनिल अंबानी और मुकेश अंबानी के पोस्टर बैनर लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। पोस्टर बैनरों पर नेता, उद्योगपतियों के अलावा किसानों के फोटो भी लगे है। पोस्टर में सभी किसानों के गले में फंदे लटके हैं।
किसानों ने कहा- सरकार ने हमारे गले में फांसी का फंदा डाल दिया है और उस फंदे की डोर उद्योगपतियों के हाथ में है
किसानों का कहना है कि सरकार ने हमारे गले में फांसी का फंदा डाल दिया है और उस फंदे की डोर उद्योगपतियों के हाथ में है। उद्योगपति अब किसानों को अपने उंगलियों पर नचायेंगे। शनिवार को सिंघू बॉर्डर पर सिंगर व एक्टर दिलजीत दोसांझ ने पहुंचकर किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा ‘हम केंद्र सरकार से केवल ये अनुरोध करते हैं कि किसानों की मांगों को पूरा किया जाए।
यहां इंटरनेट की समस्या को देखते हुए एक संस्था ने बॉर्डर के दोनों तरफ फ्री वाई-फाई लगाया है। इसके जरिए किसान परिवार से बातचीत कर सकेंगे और साथ ही सोशल मीडिया तक भी आसानी से पहुंच पाएंगे। जो वाहन चालक यूपी से दिल्ली आना चाह रहे हैं वो वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करते हुए दिल्ली की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं।
वाहन चालक अप्सरा बॉर्डर, डीएनडी और भौपुरा बॉर्डर, सबोली बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश कर सकते हैं। नोएडा सेक्टर-14 ए स्थित बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि अगर शनिवार को होने वाले किसानों-नेताओं के बीच बैठक का नतीजा नहीं निकला तो फिर वे संसद का घेराव करेंगे।
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